Bagalamukhi Diksha (Mar 27, 2015 and April 26, 2015)

विशेष क्रियातीव्र शक्तिपातमानस स्पन्दन – शक्ति जागरण

बगलामुखी दीक्षा

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बगलामुखी दीक्षा मुहूर्त

बगलामुखी दीक्षा – प्रथम चरण

27 मार्च 2015

(चैत्र नवरात्रि की अष्टमी – होमाष्टमी)

साधना काल – प्रातः 6:48 बजे से 8:47 बजे तक

दीक्षा काल – प्रातः 8:48 बजे से 10:00 बजे तक

बगलामुखी दीक्षा – द्वितीय चरण

26 अप्रैल 2015

(वैशाख शुक्ल अष्टमी – बगलामुखी जयंती)

साधना काल – प्रातः 6:48 बजे से 9:14 बजे तक

दीक्षा काल – प्रातः 9:15 बजे से 10:30 बजे तक

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* पूज्य गुरुदेव दिनांक 27 मार्च 2015 और 26 अप्रैल 2015 को क्रमशः दो चरणों में बगलामुखी मानस दीक्षा प्रदान करेंगे।

* बगलामुखी महायंत्र की साधना का सरल एवं स्पष्ट विधान स्वयं गुरुदेव ने प्रतिपादित किया है।

* दीक्षा के दोनों चरणों में दीक्षा पूर्व, साधना काल में गुरुदेव द्वारा प्रदत्त विधान से बगलामुखी महायंत्र का विशेष पूजन और साधना सम्पन्न करनी है।

* आपको बगलामुखी साधना में सफलता प्रदान करने हेतु गुरुदेव ने विशेष बगलामुखी महायंत्र एवं बगलामुखी पीताम्बरा माला को शक्ति सम्पुटित एवं प्राणप्रतिष्ठित किया है।

* बगलामुखी साधना – दीक्षा प्रथम चरण – दिनांक 27 मार्च 2015 को प्रातः 6:48 से 8:47 तक बगलामुखी महायंत्र पूजन-साधना सम्पन्न कर लें। इसी प्रकार बगलामुखी साधना – दीक्षा द्वितीय चरण – दिनांक 26 अप्रैल 2015 को प्रातः 6:48 से 9:14 तक बगलामुखी महायंत्र का पूजन और साधना सम्पन्न कर लें।

* इन दोनों दीक्षा दिवसों पर निश्‍चित समय में बगलामुखी महायंत्र की साधना सम्पन्न करने के पश्‍चात् अपने स्थान पर शांति से बैठे रहें। दीक्षा काल में अपने दोनों हाथों में बगलामुखी पीताम्बरा माला लेकर प्रार्थना मुद्रा में बैठ जाएं तथा शांत मद्धम स्वर में बगलामुखी बीज मंत्र (ॐ ह्लीं ॐ… ॐ ह्लीं ॐ… ॐ ह्लीं ॐ…) का उच्चारण करते रहें। मंत्र उच्चारण के समय अपने नेत्रों को बंद कर लें और अपने सहस्रार चक्र में गुरुदेव के मानस विग्रह का ध्यान करें।

* मंत्र जप के समय साधक अपने चारों ओर एक ऊर्जा चक्र को अनुभव करता है। नियमित रूप से मंत्र जप करते रहें, चारों ओर बाह्य जगत में जो भी क्रिया हो रही है उसे होने दें। अपने ध्यान को एकाग्रचित्त रखें और मंत्र जप प्रक्रिया चलने दें। कुछ समय बाद होठों से मंत्र जप क्रिया न होकर मानस से मंत्र जप क्रिया प्रारम्भ हो जाती है। इस क्रिया को भी होने दे। जब पूर्ण रूप से बगलामुखी शक्ति से और गुरुदेव से आपका सामंजस्य स्थापित हो जाए तब तक यह क्रिया करते रहें, उसके बाद पुनः धीरे-धीरे अपने वर्तमान में आएं। यह क्रिया पांच मिनट से 50 मिनट तक भी हो सकती है। आप साक्षीभाव से अनुभव करते हुए शक्ति के वर्तुल (चक्र) को अपने चारों ओर घूमते हुए अपने शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को अनुभव करें।

* दीक्षा मंत्र जप की पूर्णता के पश्‍चात् तीन बार ॐ का उच्चारण कर थोड़ा जल ग्रहण कर लें और गुरु आरती सम्पन्न करें।

* प्रथम चरण की दीक्षा के पश्‍चात् माला और बगलामुखी महायंत्र को पीले वस्त्र में लपेटकर अपने पूजा स्थान में रख दें तथा द्वितीय चरण में इसी बगलामुखी महायंत्र एवं बगलामुखी माला से साधना काल में साधना सम्पन्न कर दीक्षा काल में उपरोक्त दीक्षा मंत्र के साथ दीक्षा ग्रहण करनी है। द्वितीय चरण की दीक्षा के पश्‍चात् पीताम्बरा माला को गले में धारण कर लें तथा महायंत्र को पूजा स्थान में स्थापित कर दें।

* दीक्षा काल में पूज्य गुरुदेव द्वारा मानसिक तरंगों का प्रवाह प्रत्येक साधक पर अलग-अलग हो सकता है, आप किसी भी स्थिति में घबराएं नहीं। बगलामुखी तीक्ष्ण शक्ति है, इसके अनुभव कुछ विलक्षण प्रकार के हो सकते हैं। आप बस शांत भाव रखें, साक्षी भाव रखें, किसी प्रकार का आवेश एवं उग्रता न लाएं। आप न तो किसी भाव से जुड़ें, न ही किसी विचार के प्रति उत्साह दिखाएं, न ही घृणा आदि के भाव रखें, एक दृष्टा की भांति अपने मन में आने वाले सभी विचारों, दृश्यों को साक्षी भाव से देखते रहें।

दीक्षा के सम्बन्ध इन बातों का विशेष ध्यान रखें –

@ दीक्षा हेतु गुरु शक्ति आपूरित बगलामुखी महायंत्र एवं बगलामुखी पीताम्बरा माला को समय पर प्राप्त कर, सुरक्षित स्थान पर रख दें।

@ साधना एवं दीक्षा काल में अपने स्थान से यथा संभव नहीं उठें।

@ शांत एवं स्वच्छ स्थान पर साधना – दीक्षा सम्पन्न करें।

@ दोनों दीक्षा मुहूर्तों पर शुद्ध एवं सात्विक भोजन ग्रहण करें।

@ यह साधना एक ही समय में हजारों-हजारों साधकों द्वारा सम्पन्न की जाने के कारण पूरे वातावरण में ऊर्जा का तेज व्याप्त हो जाएगा, उस ऊर्जा के वेग से घबराएं नहीं दृष्टा भाव से केवल देखते रहें और मंत्र जप करते रहें।

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दीक्षा पैकेट प्राप्त करने का तरीका

# दीक्षा न्यौछावर रुपये 3100/- कार्यालय को प्राप्त होने के पश्‍चात् ही ‘बगलामुखी दीक्षा पैकेट’ भेजा जायेगा।

# इसके लिये ‘निखिल मंत्र विज्ञान’ के SBI Bank A/c. No. – 32677736690 अथवा Union Bank A/c. No. – 310001010036403 में 3100/- रुपये जमा करा कर Pay-In-Slip जोधपुर कार्यालय को भेज दें।

# बगलामुखी दीक्षा प्राप्त करने हेतु पत्रिका कार्यालय में फोन (0291-2624081, 2638209) करें अथवा फैक्स (0291-5102540) अथवा e-mail – nmv.guruji@gmail.com पर मेल करें अथवा 9602334847 परSMS भी कर सकते हैं। दीक्षा हेतु आप अपनी पत्रिका सदस्यता संख्या, अपना नाम, अपनी उम्र, अपने मोबाईल नम्बर आदि जानकारी अवश्य दे दें।

# दीक्षा पैकेट प्राप्त करके ही आप बगलामुखी दीक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

# दीक्षा पैकेट का न्यौछावर प्राप्त होने के पश्‍चात् कार्यालय से रजिस्टर्ड पार्सल अथवा कूरियर सेवा द्वारा आपको दीक्षा पैकेट भेज दिया जाएगा।

# दीक्षा के सम्बन्ध में विशिष्ट निर्देश आपको व्यक्तिगत रूप से कार्यालय द्वारा प्रदान किये जायेंगे।

Special Process
Intense Shaktipaat

Mind Pulse – Power Awakening

Baglamukhi Diksha

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Baglamukhi Diksha Timings

Baglamukhi Diksha – First Stage

March 27, 2015

(Eighth day of Cheitra Navratri – Homashtami)

Sadhana Period – 6:48 am to 8:47 am

Diksha Period – 8:48 am to 10:00 pm

Baglamukhi Diksha – Second Stage

April 26, 2015

(Veishakh Shukla Ashtami – Baglamukhi Jayanti)

Sadhana Period – 6:48 am to 9:14 am

Diksha Period – 9:15 am to 10:30 am

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* Pujya Gurudev will bestow Baglamukhi Manas Diksha in two consecutive stages on March 27, 2015 and April 26, 2015.

* Gurudev has Himself detailed a simple and clear procedure for Sadhana of Baglamukhi Mahayantra

* In both stages of Diksha, before the Diksha period, one has the perform the special worship and Sadhana of Baglamukhi Mahayantra during the Sadhana period as per the procedure by Gurudev.

* to ensure your success in Baglamukhi Sadhana, special Baglamukhi Mahayantra and Baglamukhi Pitambara Mala (rosary) have been consecrated and sanctified with powerful mantras.

* Baglamukhi Sadhana – Diksha First Stage – on March 27, 2015 – complete Baglamukhi Mahayantra worship-Sadhana from 6:48 am to 8:47 am. Similarly Baglamukhi Sadhana – Diksha Second Stage – on April 26, 2015 – complete Baglamukhi Mahayantra worship and Sadhana from 6:48 am to 9:14 am.

* On both Diksha days, after completion of Baglamukhi Mahayantra Sadhana, remain seated quietly at the same place. During Diksha period, take Baglamukhi Pitambara Mala in both hands, sit in prarthana mudra (prayer pose) and keep chanting Baglamukhi Beej Mantra (Om Hleem Om…Om Hleem Om…Om Hleem Om…) in a quiet low-key tone. Close your eyes during mantra chanting and meditate on Holy form of Gurudev in your Sahastraar Chakra

* The Sadhak experiences an energy loop around him during mantra chanting. Keep mantra chanting regularly, whatever action is taking place in the outer world let it be. Retain focus and concentration , and let the mantra chanting process continue. After a while, mantra chanting process starts from mind instead of from lips. Let this action take place. Keep doing this, till you connect with Baglamukhi power and Gurudev in full harmony, then slowly and steadily come back into the present. This activity can last from five minutes to 50 minutes. You watch and experience the chakra (cycle) of divine energy flowing around you in a power loop and merging with the energy of your body.

* After completion of Diksha mantra chanting, take a little water after pronouncing Om three times, and perform Guru Aarti.

* After completion of first stage of Diksha, wrap the Mala and Baglamukhi Mahayantra into a yellow cloth and place it in your place of worship. In second stage, you will use the same Baglamukhi Mahayantra and Baglamukhi mala to perform Sadhana during Sadhana period and obtain Diksha with above Diksha mantra during Diksha period. After completion of second stage of Diksha, wear the Pitambara mala on your neck and place the Mahayantra in your place of worship.

* During Diksha period, the flow of mental waves from Pujya Gurudev to each Sadhak may be different, you do not need to worry in any situation. Baglamukhi is a very strong power, you may have some amazing or special experiences. You need to maintain peace and quiet, and do not bring in any anger or excitement. You should not relate to any sense or emotion, neither display any enthusiasm for any thought nor abrogate any thought. Keep watching the thoughts and ideas occurring in your mind like a distant observer.

Follow the following instructions during Diksha –

@ Obtain the Guru Shakti aapurit (consecrated with Divine Guru Energy) Baglamukhi Mahayantra and Baglamukhi Pitambara Mala (rosary) well in time, before Diksha and put them in a safe place.

@ Do not rise or stand-up during Sadhana and Diksha period.

@ Accomplish Sadhana and Diksha in a quiet and pure place.

@ Eat pure and Saatvik (virtuous) food on both Diksha days.

@ Thousands of Sadhaks will perform this Sadhana simultaneously and there will be an elevation of energy level in the environment. Do not get afraid of this energy surge, keep watching like an observer and continue to chant mantra.

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Procedure to obtain Diksha packet

# “Baglamukhi Diksha Packet” will sent only after receipt of Diksha amount Rs 3100 /-

# You may deposit Rs. 3100 /- to our “Nikhil Mantra Vigyan” SBI Bank A/c # 32677736690 or Union Bank A/c # 310001010036403 ; and send the Deposit Pay-In-Slip to our Jodhpur office.

# You may also obtain by telephone (0291-2624081, 2638209) or fax (0291-5102540) or e-mail – nmv.guruji@gmail.com or sending SMS to 9602334847. Please remember to provide your magazine subscription number, your name, your age, your cell phone number, etc. to obtain Diksha.

# You may obtain Baglamukhi Diksha only after taking Diksha packet.

# The Diksha packet will be sent to you from office either by registered post or courier service after receipt of Diksha packet payment amount.

# You will be provided personal guidance and specific instructions from the office regarding Diksha.

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