पांचवां सुख-श्रेष्ठ गृहस्थ जीवन (Excellent Family Life)

पांचवां सुख-श्रेष्ठ गृहस्थ जीवन
गृहस्ख सुख में वृद्धि
प्रेम में निरन्तर वृद्धि

 

यदि घर में सभी सुख हों परन्तु पति-पत्नी में आपस में संदेह, कलह का वातावरण हो या आपस में सामंजस्य न हो तो ऐसा घर नरक के समान बन जाता है।
लड़का या लड़की का विवाह समय पर नहीं हो पा रहा हो या उसमें बाधाएं आ रही हों या बहू घर में लड़ाई-झगड़े करती हो, कलह करती हो, उसका व्यवहार ठीक नहीं हो अथवा तलाक की नौबत आ गई ऐसी सारी स्थितियों में यह एकाक्षी नारियल घर में स्थापित करने से अनुकूलता प्राप्त होती है।

 

एकाक्षी नारियल –

 

व्यक्ति का जीवन चाहे कितना ही कलुषित हो, उसका भाग्य चाहे कितना ही मन्द हो परन्तु यदि उसके घर में एकाक्षी नारियल स्थापित हो जाए तो उसके जीवन में अनायास ही वैभव, सुख, समृद्धि, आनन्द का वास होने लग जाता है।
जिस घर में एकाक्षी नारियल होता है वहां स्वयं विष्णु भगवान वास करते हैं और विष्णु के साथ उनकी अर्द्धांगिनी भगवती लक्ष्मी भी आती हैं और घर परिवार से रोग, शोक का नाश होने लगता है। दाम्पत्य जीवन में सौहार्द्र बढ़ने लगता है, अनुकूलता आने लगती है और एक चिर स्थायी आनन्द का अनुभव होने लगता है।
ब्रह्माण्ड में भगवान विष्णु तथा लक्ष्मी का दाम्पत्य जीवन पूर्णता का प्रतीक है। जिस प्रकार भगवान विष्णु की अर्धांगिनी भगवती लक्ष्मी अपने सम्पूर्ण गुणों के साथ विष्णु के साथ रमण कर पूरे संसार लोक का पालन करती हैं। उसी प्रकार प्रत्येक नर-नारी का दाम्पत्य जीवन आनन्दमय होना चाहिए और पूरे परिवार का पालन-पोषण होना चाहिए। विष्णु और लक्ष्मी की कृपा से घर-परिवार में आनन्दप्रदायक वातावरण बना रहता है तथा दाम्पत्य जीवन में आ रही बाधाओं की समाप्ति होती है।

 

एकाक्षी नारियल स्थापन विधान

 

गृहस्थ सुख में पूर्णता हेतु एकाक्षी नारियल का उपयोग होता है, यह एकाक्षी नारियल चैतन्य हो और गौरी मंत्र से सिद्ध हो, साथ ही साथ एकाक्षी नारियल पर पूर्ण प्राणप्रतिष्ठिा युक्त संजीवनी क्रिया की हुई हो।
किसी भी शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र पहन कर पूर्व की ओर मुंह कर बैठ जाएं और अपने सामने लकड़ी के बाजोट पर सफेद कपड़ा बिछा दें। गृहस्थ सुख हेतु एकाक्षी नारियल स्थापन की इस साधना को सम्पन्न करने हेतु गणपति और गुरु का ध्यान करें तथा मानसिक आशीर्वाद प्राप्त करें।
इसके पश्‍चात् दाहिने हाथ में जल लेकर संकल्प करें कि – ‘मैं अपने गृहस्थ जीवन को सुखमय और आनन्द पूर्वक व्यतीत करने के लिए भगवान विष्णु और लक्ष्मी को साक्षी रखकर अपने घर में एकाक्षी नारियल स्थापित कर रहा हूं। भगवान विष्णु और लक्ष्मी की कृपा से मेरा गृहस्थ जीवन आनन्दमय हो।’
इसके पश्‍चात् एक स्टील की प्लेट में कुंकुम से स्वस्तिक चिन्ह बनाकर उस पर एकाक्षी नारियल को स्थापित कर दें।
इसके बाद एकाक्षी नारियल पर दो आचमनी जल चढ़ाएं और अष्टगंध का तिलक करें।
इसके पश्‍चात् एकाक्षी नारियल का पूजन अक्षत पुष्प, कुंकुम, धूप, दीप, नैवेद्य से करें। इसके बाद सफेद हकीक माला से निम्न मंत्र की 3 माला मंत्र जप करें।

 

मंत्र

 

ॐ एकाक्षी नारिकेल सर्व दोषान् त्याज्य मम् मनोवांछित कार्य सिद्धय सिद्धय ह्रीं ऐं ॐ फट्

 

इस साधना में प्रयुक्त सफेद हकीक माला भी एकाक्षी नारियल मंत्र से सिद्ध हो और देवी चेतना मंत्र से प्राण प्रतिष्ठिा युक्त होनी चाहिए।
यह प्रयोग आठ दिन का है और नित्य प्रातःकाल ही मंत्र जप किया जाना चाहिए, आठ दिन पश्‍चात् एकाक्षी नारियल को सफेद वस्त्र में बांध कर अपने शयन कक्ष में रख दें, तीन माह पश्‍चात् एकाक्षी नारियल को दक्षिणा सहित विष्णु या लक्ष्मी मंदिर में अर्पित कर दें। इस साधना को पति-पत्नी दोनों अथवा दोनों में से कोई एक भी सम्पन्न कर सकता है।

 

साधना सामग्री – ₹. 600/-
The Fifth Pleasure – Excellent Family Life Enhancement in Family Life 

Continuous Growth of Love 

If one has all amenities at home, but there are doubt or discords between husband-wife or there is an absence of compatibility, then the home becomes a living hell.

If the marriage of boy or girl is not getting fixed properly, or there are obstacles in getting married, or wife fights or squabbles at home, her behavior is improper, or situations are leading to divorce, then one gets favorable circumstances by installing Ekakshi Nariyal at home.

Ekakshi Nariyal –

If a person’s life is terribly foul,  no matter how weak his fate is, if Ekakshi Nariyal is installed in his house, then his life suddenly gets filled with splendor, happiness, prosperity and joy.

A home with Ekakshi Nariyal is truly blessed, Lord Vishnu Himself manifests there, and Goddess Lakshmi accompanies Lord Vishnu in that abode; and the ill-luck and illness vanish from such a house. Harmony enhances between the couple, compatibility increases, and life start feeling like a long-lasting joyful experience.

The conjugal life of Lord Vishnu and Goddess Lakshmi symbolizes perfection in the universe.. As the consort of Lord Vishnu, Goddess Lakshmi nourishes the entire universe with Her companion Lord Vishnu. Similarly the marital life of every man and woman should be full of joy and the whole family should be nurtured and  fostered. The divine blessings of Lord Vishnu and Goddess Lakshmi leads to a pleasant environment at home and all obstacles of conjugal life disappears.

Installation Procedure of Ekakshi Nariyal

Ekakshi Nariyal is used to obtain completeness in domestic marital life.  This Ekakshi Nariyal should be energized and consecrated with Gouri Mantra and it should be sanctified with complete Praanpratisthita yukt Sanjeevani Kriya.

Sit facing  East direction, wearing white clothes on any Friday. Spread white cloth on a Wooden Board in front of you. Mentally pray to Lord Ganpati and Pujya Gurudev to obtain divine blessings to accomplish this Ekakshi Nariyal establishment for obtaining complete domestic harmony and compatibility.

Thereafter, take water in your right hand and pledge thus – “I am setting up Ekakshi Nariyal in my home in the presence of Lord Vishnu and Goddess Lakshmi to make my domestic life happy and joyful. May divine grace of Lord Vishnu and Goddess Lakshmi make my domestic life enjoyable.”

Then draw Swastik symbol with Kumkum on a steel plate and set up Ekakshi Nariyal on it.

Then offer two spoonful (achmani) water on the Ekakshi Nariyal and make a mark with Ashtgandha.

Then perform Poojan of Ekakshi Nariyal with Akshat (unbroken rice), flowers, Kumkum, Dhoop, Deep and Neiveideya . Then chant 3 mala of following mantra with White Hakeek Mala :

|| Om Ekakshi Narikel Sarv Doshaan Tayajaye Mam Manovaanchit Kaarya Siddhye Siddhye Hreem Ayeim Om Phat ||

The White Hakeek Mala used in this Sadhana should be consecrated with Ekakshi Nariyal Mantra and should be sanctified with Praan pratishtha yukt Devi Chetna Mantra.

This is an Eight day Sadhana and the Mantra chanting should be performed daily in early morning. After eighth day, wrap the Ekakshi Nariyal in the white cloth and place it in your bedroom. After three months, offer the Ekakshi Nariyal in a Lord Vishnu or Goddess Lakshmi temple along with some money donation. Either one or both of husband-wife can accomplish this Sadhana.

Sadhana material – ₹. 600 / –

जीवन के सात सुख (Seven pleasures of life) – जीवन इन्द्रधनुष के सात रंग
1. पहला सुख – आरोग्य (Health)
2. दूसरा सुख – घर में माया (Wealth in home)
3. तीसरा सुख – सुयोग्य संतान (Worthy Child)
4. चौथा सुख – राज्य सम्मान, राज मे पासा (Honors and Glory by Government)
5. पांचवां सुख-श्रेष्ठ गृहस्थ जीवन (Excellent Family Life)
6. छठा सुख – बाधाओं पर विजय – शत्रु मर्दन (Triumph over Obstacles)
7. सातवां सुख – गुरु देवता और ईश्‍वर की कृपा (Divine Blessings of Guru and Almighty God)
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