पहला सुख – आरोग्य (Health)

पहला सुख – आरोग्य
निरोगी काया
श्‍वेतार्क गणपति स्थापन

 

जीवन में धन, ऐश्‍वर्य, मान-पद और प्रतिष्ठा हो परन्तु यदि जीवन में बीमारी है, रोग है, तो वह सब कुछ धन, ऐश्‍वर्य व्यर्थ हो जाता है, न तो वह सही ढंग से स्वादिष्ट भोजन कर सकता है, न वह घूम फिर सकता है और न परिवार का सुख ले सकता है इसीलिए शास्त्रों में निरोगी शरीर को जीवन का पहला और उत्तम कोटि का सुख माना है।

 

मनुष्य प्रयत्न करता है, परन्तु फिर भी वह इन रोगों से मुक्त नहीं हो पाता, कोई न कोई बीमारी या कष्ट उसे घेरे ही रहते हैं, इसके लिए विश्‍वामित्र संहिता में एक उत्तम कोटि की श्‍वेतार्क गणपति साधना दी गई है, जिससे साधक सभी प्रकार के रोगों से मुक्त होकर पूर्ण सुख प्राप्त कर सकता है।

 

श्‍वेतार्क गणपति –

 

भारतीय वनस्पतियों में श्‍वेतार्क एक विशिष्ट पौधा है। यह विषैला होता है। फिर भी अद्भुत गुण सम्पन्न होता है। आयुर्वेद में इसकी विषात्मक्ता का औषधीय प्रयोगों द्वारा जीवनदायनी औषधि में निरूपण किया गया है। इनके फूल गुच्छे में होते हैं। फूल को ध्यान से देखें, तो गणेश रूप में स्पष्ट दृष्ट होंगे। श्‍वेतार्क के पुष्पों से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इनकी जड़ में प्रकृति निर्मित गणेश होते हैं, जिसे श्‍वेतार्क गणपति के नाम से पुकारा जाता है।

 

शास्त्रों में गणपति के श्‍वेतार्क स्वरूप को आरोग्यता, बल वृद्धि, प्राण ऊर्जा प्रदायक बताया गया है। गणपति के इस विशिष्ट स्वरूप का विधि विधान सहित पूजन सम्पन्न करने से ऊर्जा, चेतना एवं आरोग्यता प्राप्त होती है।

 

साधना विधान
श्‍वेतार्क गणपति के प्राणप्रतिष्ठित विग्रह पर किसी भी बुधवार अथवा चतुर्थी को यह साधना सम्पन्न कर सकते हैं।
यह साधना प्रातः 9 बजे से पूर्व सम्पन्न करें।
साधना के प्रारम्भ में सर्वप्रथम गुरुदेव का ध्यान करें।
इसके पश्‍चात् अपने सामने एक बाजोट पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर पुष्पों का आसन देकर श्‍वेतार्क गणपति को स्थापित करें।
भगवान गणपति के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित कर दें।
फिर ‘गं गणपतयै नमः’ मंत्र का उच्चारण करते हुए गणपति विग्रह पर तीन आचमनी जल अर्पित करें।
इसके पश्‍चात श्‍वेतार्क गणपति को सिन्दूर से तिलक कर, लाल चन्दन, अक्षत एवं दूर्वादल अर्पित करें।

 

पूजन में सम्मिलित सभी व्यक्ति हाथ जोड़कर भगवान गणपति के श्‍वेतार्क स्वरूप से प्रार्थना करें कि – ‘हे! श्‍वेतार्क स्वरूप गणपति आप हमारे  जीवन में आरोग्यता बनाएं रखें एवं हमें बीमारियों, विपदाओं से बचाएं।’

 

इसके पश्‍चात साधक को गुरु माला (स्वयं की) से निम्न मंत्र की 5 माला मंत्र जप करना है। परिवार के सदस्य भी अपनी स्वयं की गुरु माला अथवा जिनके पास गुरु माला नहीं है वे बिना माला के भी इस मंत्र का निरन्तर जप करें।

 

मंत्र
॥ ॐ ह्रीं गीं ह्रीं ॐ ॥

 

आरोग्यता प्राप्ति की यह बहुत छोटी लेकिन बहुत ही शक्तिशाली साधना है। इस साधना को तीन बुधवार अथवा तीन चतुर्थी तक निरन्तर सम्पन्न करना है, तीन बार साधना सम्पन्न करने के पश्‍चात् लाल वस्त्र में सम्पूर्ण साधना सामग्री को बांधकर जल में विसर्जित कर दें।
विशेष – इस साधना को परिवार के सभी सदस्य एक साथ भी सम्पन्न कर सकते हैं।
किसी व्यक्ति विशेष के आरोग्य के लिये भी श्‍वेतार्क गणपति साधना सम्पन्न की जा सकती है, उस व्यक्ति के नाम से संकल्प लेकर पूजन सम्पन्न करें, मंत्र जप करें। मंत्र जप के पश्‍चात् श्‍वेतार्क गणपति पर अर्पित किए हुए सिन्दूर से रोगी को तिलक करें। इस साधना से शीघ्र ही रोगी व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ होने लगता है। पुराना ज्वर, पीलिया, वक्ष रोग इत्यादि में श्‍वेतार्क गणपति की पूजा से शीघ्र ही फल प्राप्त होता है।

 

श्‍वेतार्क गणपति – ₹.600/-
The First Pleasure – Good Health
Healthy Body
Installation of Svetarka Ganapati
 
One may have money, wisdom, respect and honor in life, but if one has ailments or diseases, then that money and luxury becomes useless, he or she cannot eat delicious food, cannot roam around, or enjoy pleasures of life. So the holy scriptures have termed the healthy body as the first and best pleasure of the life.The man tries various efforts, but he still is unable to obtain riddance from these ailments, one or the other disease or illness keeps paining him, the Vishwamitra Sanhita has an excellent Svetarka Ganapati Sadhana to remedy this, so that a Sadhak can lead a happy file after riddance from all these diseases.Svetarka is a specific plant in the Indian flora. It is toxic. Still it has amazing qualities. Ayurveda system has converted its poisonous qualities into life sustaining beneficial attributes. Its flowers occur in bunch of clusters. Observe the flower closely, you can clearly see Ganesha form.  The Svetarka flowers please Lord Shiva. Its roots have natural Ganesha, so it is known as Svetarka Ganpati.The Holy Scriptures have stated that  Ganapati in the form of Svetarka Ganpati bestows health, freedom from illness, increase in strength, and positive life energy. One obtains energy, consciousness and disease-free body by performing this specific Sadhana with proper practice.
 
Sadhana Procedure:
 
This Sadhana can be accomplished on any Wednesday or Chaturthi on a consecrated and energized Svetarka Ganpati.This Sadhana should be performed before 9 AM.

First evoke Revered Gurudev.

Then cover a wooden board with red cloth, and place Svetarka Ganpati on a seat of flowers.

Light a ghee lamp (of clarified butter) before the Lord Ganapati.

Then offer three spoonful (achmani) water chanting
 
||Gam Ganpatayeh Namah ||
 
Then make a mark on Svetarka Ganpati with Vermilion and Red Sandalwood. Offer Akshat (unbroken rice) and doorvadal (grass strings).

All individuals participating in the worship should then fold their hands and pray to Lord Ganpati’s Svetarka form thus – ‘Hey! Svetarka Ganpati, please make our lives disease-free and protect us from ailments and  calamities.’

Then the Sadhak should chant 5 malas (rosary-rounds) of following mantra with his own Guru mala. Other members of the family should also chant following mantra using their own Guru mala, or mentally if they do not have Guru mala :
 
Mantra – || Om Hreem Gim Hreem Om ||
 
It’s very small but very powerful Sadhana to achieve disease-free health. This Sadhana should be performed on three consecutive Wednesdays or three consecutive Chaturthis. After completion of three times, the entire Sadhana articles should be wrapped in red cloth and dropped in running water-stream or river.

Special – All members of the family can accomplish this Sadhana together.

You may also perform Svetarka Ganpati Sadhana for a specific person. You should take pledge and perform worship and chant mantras using that person’s name. After mantra-jap, make a mark on ill person’s forehead with the vermilion offered on Svetarka Ganpati. The ill person rapidly starts recovering. One can cure old chronic fever, jaundice or chest diseases quickly through Svetarka Ganpati worship.
 
Svetarka Ganapati – ₹. 600 / –

जीवन के सात सुख (Seven pleasures of life) – जीवन इन्द्रधनुष के सात रंग
1. पहला सुख – आरोग्य (Health)
 2. दूसरा सुख – घर में माया (Wealth in home)
3. तीसरा सुख – सुयोग्य संतान (Worthy Child)
4. चौथा सुख – राज्य सम्मान, राज मे पासा (Honors and Glory by Government)
5. पांचवां सुख-श्रेष्ठ गृहस्थ जीवन (Excellent Family Life)
6. छठा सुख – बाधाओं पर विजय – शत्रु मर्दन (Triumph over Obstacles)
7. सातवां सुख – गुरु देवता और ईश्‍वर की कृपा (Divine Blessings of Guru and Almighty God)
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