छठा सुख – बाधाओं पर विजय – शत्रु मर्दन (Triumph over Obstacles)

छठा सुख – बाधाओं पर विजय – शत्रु मर्दन
विवाद विजय, शक्ति में निरन्तर वृद्धि
तांत्रोक्त हत्था जोड़ी स्थापन

 

जीवन में सभी सुख हों पर यदि जरूरत से ज्यादा आलोचक या शत्रु हों जो हमें निरन्तर नीचा दिखाने की फिराक में हों या किसी न किसी प्रकार से हमें परेशान करने की भावना रखते हों, तो हमारे सभी सुख अपने आप में बेकार हो जाते हैं।
यही नहीं अपितु यदि हम पर कोई मुकदमा चल रहा हो, या हमने किसी पर मुकदमा दायर कर रखा हो या पड़ोसी अथवा प्रतिद्वन्द्वी बराबर परेशान कर रहा हो और हमें आर्थिक व्यापारिक नुकसान पहुंचाने की चेष्टा करता हो तो यह प्रयोग उत्तम है।
इस प्रयोग से शत्रु का नाश तो होता ही है और धीरे-धीरे शत्रु परास्त होता हुआ अपने आप में बर्बाद हो जाता है और व्यक्ति आनन्द के साथ जीवन व्यतीत करता है।

 

हत्था जोड़ी –
हत्था जोड़ी एक वनस्पति है, जो एक विशेष प्रजाति के पौधे की जड़ है। हत्था जोड़ी में मानव भुजा जैसी दो शाखायें होती हैं और उंगलियों के रूप में पंजे की आकृति ठीक इस तरह की होती है जैसे कोई मुट्ठी बंध हो। इस जड़ को निकालकर उसकी दोनों शाखाओ को मोड़कर परस्पर मिला देने पर हत्था जोड़ी बनती है। हत्था जोड़ी बनाने के लिये विशेष प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। यह बहुत ही घने जंगल में पायी जाती है।
हत्था जोड़ी बहुत ही शक्तिशाली व प्रभावकारी वस्तु है मुकदमों, शत्रु संघर्ष, मारण, मूठ प्रयोग आदि बाधाओं के निवारण में प्रभावकारी है। हत्था जोड़ी को तांत्रिक विधि से प्राणप्रतिष्ठित कर दिया जाए तो साधक निश्‍चित रूप से चामुण्डा देवी का कृपा पात्र बन जाता है। ऐसी सिद्ध हत्था जोड़ी जिसके पास होती है उसके सारे शत्रु स्वतः ही निस्तेज हो जाते हैं। हत्था जोड़ी चामुण्डा देवी का प्रतिरूप है, यह जिसके पास होती है वह अद्भुत रूप से प्रभावशाली तथा सम्मोहन – वशीकरण शक्ति का स्वामी होता है।

 

साधना विधान

 

शत्रु स्तम्भन, शत्रु मारण और शत्रु विजय का यह अद्वितीय प्रयोग चामुण्डा के तीक्ष्ण मंत्रों से चैतन्य और मंत्र सिद्ध प्राणप्रतिष्ठिायुक्त हत्था जोड़ी पर ही सम्पन्न होता है। हत्था जोड़ी मनुष्य को प्रकृति से प्राप्त एक वरदान हैं, जिसके माध्यम से व्यक्ति जीवन के सारे आनन्द ले पाता है।
यह रात्रिकालीन छः दिवसीय साधना है, जिसे किसी भी मंगलवार अथवा शनिवार की रात्रि को आरम्भ किया सकता है।
साधना करने से पूर्व ही साधना कक्ष को साफ-स्वच्छ कर लें तथा स्वयं गुरु चादर ओढ़ कर साधना सम्पन्न करें। साधक दक्षिण दिशा की ओर मुंह कर अपने सामने एक बाजोट पर लाल वस्त्र बिछा कर उस पर सरसों की ढेरी बना लें तथा उसके दोनों ओर तेल का दीपक लगा ले। सरसों की ढेरी पर हत्था जोड़ी स्थापित कर उस पर कुंकुम से बिन्दी लगावें। उसी कुंकुम से साधक स्वयं भी अपने मस्तक पर तिलक करें।
इसके पश्‍चात् निम्न मंत्र का 7 बार जप करें, प्रत्येक मंत्र जप के पश्‍चात् एक लौंग हत्था जोड़ी पर अर्पित करें –
॥ ॐ क्लीं ॐ ॥
इसके पश्‍चात् दोनों हाथ जोड़कर मां चामुण्डा से प्रार्थना करें कि – ‘भगवती चामुण्डा आप मुझे सर्वत्र विजय प्रदान करें तथा मेरे सभी शत्रुओं का नाश कर दें।’
चामुण्डा के प्रार्थना के पश्‍चात् काली हकीक माला से चामुण्डा के निम्न तीक्ष्ण मंत्र का 7 माला मंत्र जप करें। मंत्र में जहां ‘अमुक’ शब्द आया है वहां शत्रु के नाम अथवा समस्त शत्रु का उच्चारण करें।

 

मंत्र

 

॥ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्लीं ह्लीं ‘अमुक’ शत्रु मारय मारय ह्लीं क्रीं क्रीं क्रीं फट्॥

 

यह साधना 6 दिनों तक नित्य सम्पन्न करें, 6 दिनों की साधना सम्पन्न करने के पश्‍चात् सातवें दिन प्रातः समस्त साधना सामग्री को लाल वस्त्र में बांध कर किसी सूनसान जगह पर भूमि में गड्डा खोदकर गाड़ दें। इस प्रकार यह विशिष्ट प्रयोग सम्पन्न होता है। कुछ ही दिनों में इस साधना का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगता है।

 

साधना सामग्री – ₹. 550/-
The Sixth Pleasure – Triumph over Obstacles – Vanquish FoeVictory in Arguments, Continuous increase in Strength

Installation of Tantrokt Hatha-Jodi

If one has all joys in life, but if there are numerous critics or adversaries, who are constantly trying to embarrass or harass us with their full hostilities, then all of our pleasures lose their meaning.

Moreover if we are engaged in a court-case, or someone has filed a court-suit against us or a neighbor or rival is troubling us continuously or trying to harm us financially, then this is the best Sadhana to counter all this.

This Sadhana method destroys the enemy, and the enemy is gradually vanquished leading to his ruin and the person’s life becomes joyful.

Hatha-Jodi –

Hatha-Jodi is a vegetation, which is the root of a particular plant species. It has two branches shaped like human arms, and the palm with fingers is shaped exactly like a fist. After uprooting the root, the two branches are intertwined and combined to make Hatha-Jodi. One must follow special procedures to make Hatha-Jodi. It is found in thick forests.

The Hatha-Jodi is a very powerful and effective object to counter lawsuits, hostile conflict, Maaran, Mooth-prayog and similar obstacles. If the Hatha-Jodi is consecrated and praanpratisthit using Tantrokt methods, then the Sadhak definitely obtains divine blessings of Goddess Chamunda. All the enemies vanquish if a person possesses such a sanctified Hatha-Jodi. Hatha-Jodi is the manifestation of Goddess Chamunda, its owner gets the power to impress and hypnotize-captivate anyone.

Sadhana Procedure-

This amazing Sadhana method for Enemy-Restriction, Enemy-Vanquish & Enemy-Conquer can only be performed on a Cheitanya and Mantra-Siddh Praanpratistha yukt Hatha-Jodi consecrated with Teekshan Chaamunda Mantras. Hatha-Jodi is a gift from nature to mankind, so that man can partake all joys in his life.

This is a six-day Night Sadhana, which can be started on any Tuesday or Saturday night.

Before starting Sadhana, clean and purify the Sadhana room and perform Sadhana after wearing Guru-Chadar.

Sit facing South direction and spread red cloth on a Wooden Board. Make a little lump of Mustard on it and light oil lamp on its both sides. Place Hatha-Jodi on the Mustard-lump and make a mark on it with Kumkum. The Sadhak should mark his own forehead also with the same Kumkum.

Thereafter chant following Mantra seven times, and offer a long (clove) to Hatha-Jodi with each chant of Mantra :

|| Om Kleem Om ||

Thereafter, with both hands folded pray to Mother Chamunda  – “Goddess Chamunda, may you grant me victory everywhere, and  destroy all my enemies.”

After the prayer to Mother Chamunda, chant 7 malas of following Teekshan Chamunda Mantra with Black Hakeek Mala. Replace the “Amuk” word in the mantra with name of a specific enemy or mention “Samast Shatru” for all enemies.

Mantra-

|| Om Kreem Kreem Kreem Hleem Hleem “Amuk” Shatru Maaraye Maaraye Hleem Kreem Kreem Kreem Phat ||

Perform this Sadhana regularly for 6 days, after completion of 6th day, wrap the entire Sadhana articles in the Red cloth. Dig a hole in a lonely place, and hide it in the hole. Then this Sadhana gets accomplished. After some days, the effects of this Sadhana start becoming visible.

Sadhana material – ₹. 550 / –

जीवन के सात सुख (Seven pleasures of life) – जीवन इन्द्रधनुष के सात रंग
1. पहला सुख – आरोग्य (Health)
2. दूसरा सुख – घर में माया (Wealth in home)
3. तीसरा सुख – सुयोग्य संतान (Worthy Child)
4. चौथा सुख – राज्य सम्मान, राज मे पासा (Honors and Glory by Government)
5. पांचवां सुख-श्रेष्ठ गृहस्थ जीवन (Excellent Family Life)
6. छठा सुख – बाधाओं पर विजय – शत्रु मर्दन (Triumph over Obstacles)
7. सातवां सुख – गुरु देवता और ईश्‍वर की कृपा (Divine Blessings of Guru and Almighty God)
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