चौथा सुख – राज्य सम्मान, राज मे पासा (Honors and Glory by Government)

चौथा सुख – राज्य सम्मान, राज मे पासा
यश-प्रतिष्ठा, सम्मान
भुवनेश्‍वरी खड्ग माला

 

व्यक्ति की यह आकांक्षा रहती है, कि वह अपने जीवन में परिवार, धन, ऐश्‍वर्य के साथ सम्मान प्राप्त भी करे, उसकी यह स्वभाविक इच्छा होती है, कि समाज उसेमान्यता दे, उसकी इज्जत करे, उसको प्रतिष्ठिा दे, राज्य में निरन्तर उन्नति कर, राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त हो तथा प्रशासन में सब जगह जान पहचान हो, कोई भी राजकीय बाधा न आए परन्तु इसके विपरीत समय पर उसका प्रमोशन नहीं होता या अवांछनीय स्थान पर स्थानांतरण हो जाता है अथवा इन्कम टैक्स या सेल टैक्स की तलवार सिर पर लटकी रहती है हर समय दिल में एक भय बना रहता है कि किसी प्रकार से राज्य की तरफ से कोई बाधा या परेशानी उत्पन्न न हो जाय इसके लिए वह व्यक्ति जीवन में धन, पुत्र, स्वस्थ शरीर होते हुए भी चिन्तित बना रहता है और जब तक राज्य भय समाप्त नहीं होता तब तक यह मानसिक तनाव बराबर बना रहता है।
इस साधना से दो लाभ हैं – एक तो अकारण राज्य भय समाप्त हो जायेगा और दूसरे राज्य की तरफ से जो सम्मान, यश, प्रसिद्धि प्राप्त होनी चाहिए, वह प्राप्त होगी और राज्य की तरफ से यश, सम्मान तो प्राप्त होगा ही।

 

साधना विधान
पराम्बा मां जगतजननी भुवनेश्‍वरी दस महाविद्याओं में प्रथम महाविद्या हैं, इनकी साधना धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चारों पुरुषार्थों को प्रदान करने वाली हैं। शाक्त प्रमोद के अनुसार भुवनेश्‍वरी जीवन की श्रेष्ठ और महत्वपूर्ण साधना है, जीवन में अन्य साधनाएं, अन्य महाविद्याओं को सिद्ध न कर सकें, परन्तु साधक को भुवनेश्‍वरी साधना तो अवश्य ही सम्पन्न करनी चाहिए।
शाक्त प्रमोद में भुवनेश्‍वरी खड्ग माला को राजकीय मान-सम्मान एवं ऐश्‍वर्य वृद्धिदायक बताया गया है।
इस साधना को सम्पन्न करने के लिए सर्वप्रथम प्राणप्रतिष्ठित भुवनेश्‍वरी खड्ग माला प्राप्त कर लें। यह माला जीवन की दुर्लभ और महत्वपूर्ण माला कही जाती है, जो कि 108 महादेवियों के मंत्र से सिद्ध की जाती है, इसका प्रत्येक मनका अपने आप में महत्वपूर्ण होता है। कई साधकों ने इसकी ऊर्जा, चेतना को अनुभव कर अपने अनुभवों को निखिल मंत्र विज्ञान कार्यालय में लिख भेजा है।
इस साधना को किसी भी शुक्रवार को सम्पन्न किया जा सकता है।
अपने सामने एक बाजोट पर पीला वस्त्र बिछाकर सर्वप्रथम उस पर गुरु चित्र स्थापित करें।
गुरु चित्र का पंचोपचार पूजन सम्पन्न करें।
इसके पश्‍चात् अपने सामने एक स्टील की प्लेट में पुष्पों का आसन देकर प्राणप्रतिष्ठित भुवनेश्‍वरी खङ्ग माला को स्थापित करें।
इसके पश्‍चात् निम्न मंत्र का जप करते हुए प्रत्येक मनके पर केशर की बिन्दी लगाएं –

 

‘ॐ ह्रीं भुवनेश्‍वर्यैं नमः’

 

इसके पश्‍चात् दोनों हाथों में माला लेकर निम्न ध्यान मंत्र का उच्चारण करें –
स्मरेद् रवोन्द्धग्नि-विलोचना तां, सत्-पुस्तकां जाप्य-वटीं दधानाम्।
सिंहासनां मध्यम-यंत्र-संस्थां, श्रीतत्त्व-विद्यां पराम्बां भजामि॥
ध्यान मंत्र जप के पश्‍चात् भुवनेश्री खङ्ग माला से भुवनेश्‍वरी महाविद्या के मंत्र का एक माला जप करें।

 

॥ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं ॐ॥

 

इस साधना को आप दिन अथवा रात्रि में कभी भी सम्पन्न कर सकते हैं। यह एक दिवसीय साधना है। साधना के पश्‍चात् भुवेनश्‍वरी खङ्ग माला को किसी सुरक्षित स्थान पर रख दें तथा शेष साधना सामग्री को किसी निर्जन स्थान के वृक्ष की जड़ में अर्पित कर दें।
आप जब भी किसी विशिष्ट कार्य के लिये जाएं तो भुवनेश्‍वरी मंत्र का 21 बार जप कर इस माला को धारण कर लें तथा पुनः लौटकर जब घर आएं तो माला को सुरक्षित स्थान पर रख दें। एक वर्ष पश्‍चात् भुवनेश्‍वरी खङ्ग माला को किसी देवी मंदिर में अर्पित कर दें।

 

भुवनेश्‍वरी खड्ग माला – ₹. 600/-
The Fourth Pleasure – Honors and Glory by Government 

Fame-Prestige and Honor 

Bhuvaneswari Khadag Mala 

A person always wishes to obtain glory along with family, wealth and luxury. It is a  natural desire to wish for respect and prestige in the community, continuous advancement in the state, honor in Government administration, fame and recognition everywhere, absence of any political interference; but on the contrary if his promotion gets delayed, he gets transferred to an undesirable or remote location,  or the Income Tax or Sales Tax sword always hangs on his neck, the mind continuously fears about any obstacle or problem from Government, ; then such a person constantly worries in-spite of wealth, family or good health. This continuous mental tension and strain remains in his mind with this fear from the state.

This Sadhana has two benefits – the groundless fear from the Government will vanish and one will obtain the honor, fame and prestige from the state, which one is entitled to.

Sadhana Procedure

Paraamba mother Jagatajanani Bhuvaneshvari is the first Mahavidhya from the ten Mahavidhyas, Her Sadhana leads to all four Purusharth desires i.e. Religion, Wealth, Pleasure and Salvation. According to Shaakt Pramod, Bhuvaneshwari Sadhana is the essential and  important Sadhana of life, one might not be able to accomplish other Mahavidhya Sadhanas, but one should surely accomplish Bhuvaneshwari Sadhana.

Shaakt Pramod has stated that BhuvaneshvarI Khadag Mala bestows political respect & prestige along with enhancing magnificence.

First obtain consecrated and sanctified Bhuvaneshwari Khadag Mala to perform this Sadhana. This Mala is said to be a rare and important rosary of life, which is energized by the mantras of 108 Mahadevi; each bead is important in its own right. Many Sadhaks have written letters to Nikhil Mantra Vigyan after feeling and experiencing its energy, and heightened consciousness.

You may perform this Sadhana on any Friday.

Spread Yellow cloth on a Wooden Board and place Guru Photo on it.

Perform Panchopchaar Pujan of Guru Photo.

Then create a flower seat in a steel plate, and place Praanpratisthit Bhuvaneshwari Khadag Mala on it.

Then mark a dot with Saffron on each bead of rosary while chanting the following mantra :

|| Om Hreem Bhuvaneshwarye Namah ||

Then take the rosary in both hands and pronounce following Dhyaan Mantra:

|| Smared Ravonddhagni-Vilochana Taam, Sat-Pushtakaam Jaapya-Vatim Dadhanam.

Sinhasanam Madhyam-Yantram-Sanstham, Sritattva-Vidhyam Paraambam Bhajaami || 

After Dhyaan Mantra, chant one rosary round of Bhuvaneshwari Mahavidhya Mantra with Bhuvaneshwari Khadag Mala :

|| Om Hreem Hreem Hreem Om || 

 

You may perform this Sadhana at any time during day or night. This is a one day Sadhana. After completion of Sadhana, place the Bhuvaneshwari Khadag Mala in a safe place and drop the remaining Sadhana articles in the roots of a tree in a lonely place.

When you go for any important work, wear this mala after chanting Bhuvaneshwari Mantra 21 times, and place it back in the safe place after returning home. Offer the Bhuvaneshwari Khadag Mala in a Devi temple after a year.

Bhuvaneswari Khadag Mala – ₹. 600 / –

जीवन के सात सुख (Seven pleasures of life) – जीवन इन्द्रधनुष के सात रंग
1. पहला सुख – आरोग्य (Health)
2. दूसरा सुख – घर में माया (Wealth in home)
3. तीसरा सुख – सुयोग्य संतान (Worthy Child)
4. चौथा सुख – राज्य सम्मान, राज मे पासा (Honors and Glory by Government)
5. पांचवां सुख-श्रेष्ठ गृहस्थ जीवन (Excellent Family Life)
6. छठा सुख – बाधाओं पर विजय – शत्रु मर्दन (Triumph over Obstacles)
7. सातवां सुख – गुरु देवता और ईश्‍वर की कृपा (Divine Blessings of Guru and Almighty God)
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