Editorials

  •   महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती- ये तीनों नाम जगन्नियन्ता परमात्मा की चितिशक्ति के हैं। शास्त्रकारों का दृढ़ विश्‍वास है कि परमात्मा..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद,   बसन्त पंचमी आई और आप लोगों ने सरस्वती पूजन कर इस उत्सव..

  • तुम मन के गुलाम हो या मन तुम्हारा गुलाम हो मन वशीकरण तो जगत् वशीभूत  आत्मज्ञान का अर्थ ही है..

  • पारद शिवलिंग को लेकर हमारे शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है –   केदारदोनि लिंगानि, पृथिव्यां यानि कानिचित्। तानि दृष्ट्ंवासु यत्पुण्यतत्पुण्यं..

  • पुराणों मे शिवरात्रि का वर्णन और महत्व   पुराणों में महाशिवरात्रि को लेकर कई तरह के वृत्तांत हैं। मूल कथा..

  • एक तन एक मन मुक्ति का परमानन्द बार-बार मुड़ कर पीछे न देखिये आपके सामने आपका भविष्य है अतीत का..

  • भगवान सदाशिव और उनके गण भगवान शिव पशुपति, त्र्यम्बक, पुष्टिवर्धन, नीलकण्ठ, चन्द्रशेखर है। भगवान शिव के गण यक्ष, गन्धर्व, योगिनियां,..

  • चेतना का रूपान्तरण   सुप्त शक्ति से जाग्रत शक्ति शक्ति की सम्पन्नता दुःख और सुख की परिभाषा क्या है? सुख..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद,   नववर्ष की पूर्व संध्या पर आप मेरे पास दिल्ली आरोग्यधाम में आए,..

  • मित्र रूपा कपिला योगिनी   पूरे-पूरे तंत्र-शास्त्र को अपने में आत्मसात् किये, कपिला योगिनी अपने सिद्ध साधक में भर देती..

  • अपनों से अपनी बात…   प्रिय आत्मन्,   आशीर्वाद,   ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥   कालचक्र..

  • प्रेम और समर्पण मनुष्य मन का सर्वोत्तम भाव खिल जाता है अस्तित्व निखर जाता है व्यक्तित्व   प्रेम एक अद्भुत..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद,   नववर्ष की पूर्व संध्या पर दिल्ली आरोग्यधाम में गुरु शिष्य मिलन समारोह..

  • 24-25 दिसम्बर 2016 आरोग्यधाम, दिल्ली उत्तरोत्तर प्रगति यात्रा राज्याभिषेक से सम्राटाभिषेक सद्गुरु द्वारा शिष्य को वरदान सम्राटाभिषेक महादीक्षा   जब..

  • साधक जीवन्त ऊर्जा का प्रवाह     क्यों कभी-कभी व्यक्ति एकदम निराश हो जाता है? क्यों कभी-कभी आशंका मन में..

  • अध्यात्म से साक्षात्कार   ज्ञानशक्ति समारूढं तत्त्वमाला विभूषितम्। भुक्ति मुक्ति प्रदातारं तस्मै श्री गुरवै नमः॥   जो पूर्ण ज्ञान की..

  • अज्ञात भविष्य काल की यात्रा अज्ञात रहस्यों की खोज    ज्ञान नेत्र जाग्रति   यों तो हमारे बाह्य नेत्र देखते..

  • मुक्त जीवन का शुभारम्भ   गृहस्थ जीवन में वैराग्य आनन्द से परमानन्द की यात्रा   मैं कौन हूं?, मैं ये..

  • श्रीयंत्र   यंत्र शिरोमणी महानतम् यंत्र शिव और शक्ति का सम्पूर्ण स्वरूप   श्रीयंत्र श्रीविद्या त्रिपुर सुन्दरी ललिता देवी का..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद,   साधना का सबसे बड़ा महापर्व, शक्ति पर्व जिसे हजारों-हजारों साधकों ने भुवनेश्‍वरी..

  • गुरु की ऊर्जा प्रवाह यंत्र और प्राण प्रतिष्ठा   यह तो सभी जानते हैं कि संसार के सारे पदार्थ पांच..

  • कैलाश मानसरोवर यात्रा सद्गुरुदेव के साथ मई-जून 2017 में   कैलाश मानसरोवर वह पवित्र स्थान हैं, जिसे भगवान शिव का..

  • 24-25 दिसम्बर 2016 आरोग्यधाम दिल्ली   सम्राटाभिषेक दीक्षा साधना का सर्वोत्तम शिखर   निखिल ध्वज हाथ में सर्वत्र विजय साथ..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद,   नवरात्रि के शक्ति पर्व की आपको हार्दिक शुभकामनाएं और आशीर्वाद, आप यह..

  • क्या कर्म का फल प्राप्त होता है? कर्म और फल सिद्धान्त वर्तमान कर्म, क्रियमाण कर्म, संचित कर्म और प्रारब्ध कर्म..

  • तुम ज्ञानी हों अब समझदार बन जाओं प्रश्‍न – गुरुदेव ‘मैं’ बहुत होशियार हूं, ‘मैं’ बहुत पढ़ा लिखा हूं और..

  • तुम निर्बल नहीं सबल हो जीवन्त साधक रुकों नहीं तुम बढ़े चलो… बढ़े चलो… जाग्रत करो कर्म भाव से अपनी..

  • साधनात्मक जीवन में सफलता निरन्तरता श्रद्धा और विश्‍वास निरन्तर ध्यान और स्मृति स तु दीर्घकाल नैरंतर्य सत्काराऽऽसेवितो दृढ़भूमिः॥ श्रद्धा पूर्वक..

  • अपनों से अपनी बात…   प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद,   गुरु पूर्णिमा महोत्सव में बड़ा ही आनन्द आया। एक महीना बीत..

  • क्या श्रीकृष्ण की नीति आज भी सार्थक है? कृष्ण नीति व्याख्या   अपने ही कामों में अपने आपको पूरी तरह..

  • Pleasure. Happiness and Joy: three words often used interchangeably, still a lot different. Pleasure pertains to the body, happiness relates..

  • अपनों से अपनी बात…   प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद,   गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व की आपको बहुत-बहुत बधाई। चारों ओर..

  • मेरे सद्गुरु सब ओर आप ही आप हैं यह शरीर यह मन यह भाव सब आपका है हजारों लाखों वर्षों..

  • जीवन सिद्धान्त सुख की मात्रा = पूर्ण हुई इच्छाओं की संख्या/ मन में स्थित इच्छाओं की संख्या ठहर रे मनवा..

  • या देवी सर्व भुतेषु स्त्री रुपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥   नारी शक्ति रुप में स्त्री शक्ति नारी..

  • सद्गुरु तत्व मैंने समझा गुरु को… तो समझ गया खुद को…   देह भाव से देखने में, श्री गुरु भी..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद, सूयदेवता अपने प्रचण्ड स्वरूप में हैं, भीषण गर्मी से पूरा देश तप रहा..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद,   उपनिषद् का एक वाक्य सद्गुरुदेव बार-बार कहते थे – पूर्णमदः पूर्णमिदं…  इस..

  • GRACE OF GURU GURU GIVES US WINGS Perfect. Flawless.  The credit goes to the Guru whose grace ignites the divinity..

  • कृष्ण, बलराम और राक्षस राक्षस इतना छोटा कैसे हो गया प्रेरणादायक आख्यान महाभारत काल की बात है। एक बार कृष्ण..

  • योजना पूर्ण कार्य निश्‍चित लक्ष्य प्राप्ति मैं अपना लक्ष्य प्राप्त करना चाहता हूं पर हर बार हार जाता हूं, यही..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद, तुम मुझसे मिलने आते हो, कुछ देर मेरे पास बैठते हो, कुछ अपनी..

  • सफलता का सरल सिद्धान्त पांच बाते अपना लीजिए आपकी सफलता निश्‍चित है काम करना और काम में सफल होना इतना..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद, आपका और मेरा घनिष्टतम् सम्बन्ध है और इसी कारण आप अपने मन की..

  • आवश्यक है प्रत्येक शिष्य हेतु शमन दीक्षा पूर्व जन्मकृत दोषों का निवारण   शमन का सीधा अर्थ है – समाप्त..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्,   आशीर्वाद,   तीन-तीन महापर्व आ रहे हैं, सर्वप्रथम महाशिवरात्रि आ रही है, जो..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद,   नववर्ष के शुभारम्भ पर आप सबको बहुत-बहुत बधाई और मेरा आशीर्वाद। यह..

  • सृष्टि का आधार शिव और शक्ति का मिलन शिव और शक्ति का रहस्य शिव इस सृष्टि का परम सत्य हैं..

  • जिन्दा नहीं जीवन्त बनिये जिन्दगी जिन्दादिली का नाम है मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते है सजग भाव से इच्छानुसार..

  • शक्ति का महाभण्डार आपका अचेतन मन अचेतन मन की शक्ति का उपयोग करें अचेतन मन को आज्ञा दें अचेतन मन..

  • Beyond and above all forms of mortal relationships exists Guru, the supreme entity and the ultimate truth. In him reside..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद, आप लोगों से मैं तो रोज ही बात करता हूं, अपने मन की..

  • तत्वमसि : तत्वम्+असि   निखिल अविरल प्रकाश पथ   शरीर से प्राण तत्व की यात्रा अज्ञान से पूर्ण ज्ञान की..

  •   26-27 दिसम्बर 2015 महाबोधि तत्वमसि दीक्षा गुरु कृपा का विस्तार शिष्य में अमृत सिंचन   जय गुरुदेव… जय गुरुदेव…..

  • साधक साक्षी   गुरु कृपा बरसती है गुरु ही तो बाधाएं हरण करते है गुरु कृपा ही केवलम्… गुरु कृपा..

  • अपनों से अपनी बात…   प्रिय आत्मन्, आशीर्वाद, रविन्द्रनाथ टैगोर की एक कविता मुझे बहुत पसंद आती है, उनकी वह..

  • दीपावली और स्वच्छता   दीपावली भगवती महालक्ष्मी का ऐसा पर्व है, जिसकी तैयारी बड़े ही जोश के साथ की जाती..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, तुम मेरी कुछ बातों को जान लो, समझ लो।   सबसे पहले तुम यह..

  • स्वयं की शक्ति आप ईश्‍वर की अनमोल कृति हैं अच्छा ही होगा – अच्छा ही होगा विचार मंथन और क्रिया..

  • मंत्र सिद्ध प्राण प्रतिष्ठायुक्त श्रीयंत्र क्या विशेषता है श्रीयंत्र में? क्यों लक्ष्मी का वास माना जाता है श्रीयंत्र में? कैसे..

  • Surrender Your Self Dedicate Your Self Release Your ego In the humdrum of life, things move at a frantic pace..

  • अपनों से अपनी बात…   प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद, आज कुछ मन की लिखता हूं –   बोलने से अधिक मौन..

  • बार-बार गलतियां न दोहरायें सकारात्मक संकल्प से जीवन बदलें सफलता का मार्ग सरल नहीं होता   आपकी कमजोरी, तब तक..

  • अपनों से अपनी बात…   प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद,   बहुत-बहुत बधाई… गुरु पूर्णिमा महोत्सव में बड़ा ही आनन्द आया। पुरी..

  •   गुर-शिष्य सम्बन्ध भाव – अनुभूति   निश्‍चिंत, निर्द्वन्द, निर्भय   गुरु ही मेरी आस्था गुरु ही मेरा भरोसा  ..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद,   नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्‍वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै ‘न’ काराय नम: शिवाय॥..

  • कौन समझेगा? कौन समझायेगा? यह प्रश्‍न बड़ा विचित्र है?   अपना आंकलन करिये अपने आप पर ध्यान दें   मनुष्य..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद, अभी पूरे देश में भीषण ग्रीष्म ॠतु का प्रवाह चल रहा है। इस..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद, निखिल जयंती के शुभ अवसर पर पटना में विशेष ‘जन्मोत्सव साधना शिविर’ कार्यक्रम..

  • ज्वलंत प्रश्‍न सरल समाधान स्वयं समझना है स्वयं विचार करना है अधिकार निर्बलता इच्छा-आशा दण्ड प्रार्थना समर्पण सुख-सुविधा संस्कार श्रेष्ठता..

  • साधना चक्र आध्यात्मिक उन्नति का सोपान बुद्धि से ज्ञान की यात्रा अज्ञात रहस्यों की खोज साधना सिद्धि का क्रमबद्ध विकास..

  • संकल्प सिद्धि दिवस संन्यास सिद्धि दिवस आषाढ़ कृष्ण द्वितीया 4 जून 2015 सिद्धाश्रम जयन्ती संस्कार प्राप्ति महादिवस आषाढ़ कृष्ण नवमी..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद,   प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन में उन्नति करना चाहता है और उसकी प्रथम..

  •   अपनों से अपनी बात…   प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद,   हर हर महादेव, बम-बम बोल…, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः..

  • अपनों से अपनी बात…प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद, आप सभी साधकों, शिष्यों को बहुत-बहुत आशीर्वाद, आप तो एक के बाद, एक कमाल..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद,    नववर्ष के प्रारम्भ में वसंत ॠतु के आगमन पर उल्लास के इस..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद,   नये वर्ष के शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई, अभिनन्दन,..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद, एक पूरा साल बीत रहा है, पूरे साल में जो भी घटनाएं घटित..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद, इस बात की मुझे प्रसन्नता है कि आप सबने मेरी आज्ञा का पालन..

  • अपनों से अपनी बात… प्रिय आत्मन्, शुभाशीर्वाद, नवरात्रि के पावन पर्व और महालक्ष्मी कल्प के शुभ अवसर पर मैं आपको..

  • In this edition, Gurudev Nandkishore Shrimali talks about Guru poornima shivir, Union of Shiv-Shakti at Amarnath and essence of dedication..

  • In this edition, Gurudev Nand Kishore Shrimali talks about how one take a journey within ones heart to realise SadGurudev,

  • In this edition, Gurudev Nand Kishore Shrimali invites all his shisyas to Guru Poornima Shivir at Haridwar,

  • In this edition, Gurudev Nand Kishore Shrimali talks about happiness, Click here to read the editorial Jun 2014

  • Siddhashram is a boon, bestowed upon mankind, from our ancestors, saints, sages & Yogis of high order. This is synonymous..

  • Day and night might be divisions for those who dwell on the lower octaves of a mundane existence, but for..

  • CHANTING MANTRAS TO LEAD A FULFILLING LIFE Intense desire(इच्छाशक्ति) coupled with discipline of mind and concentration is necessary to achieve..

  • Searching God as if searching for an object is incorrect. God is not an object, it is the name of..

  • Eight natural therapists are available to you. These are: Air, Sleep, Thoughts, Exercise, Sun, Fasting, Water and Food. Don’t be..

  • The most pious spot in the house is one’s place of worship. It is a place where one can sit..

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